परम पूज्य, परम श्रद्धेय श्वेत पिच्छाचार्य श्री विद्यानंद जी मुनिराज के आज्ञानुवर्ती शिष्य परम पूज्य लोह पुरुष एलाचार्य श्री वसुनंदी जी मुनिराज ससंघ का 25 वां रजत चातुर्मास 2012 सुहाग नगरी फिरोजाबाद (उ.प्र.) में होना निश्चित हुआ है.पूज्य गुरदेव की चातुर्मास स्थापना आयोजन पूर्वक 03 जुलाई को जैन नगर, श्री दिगम्बर जैन छदामी लाल मंदिर में संपन्न होगी.यहाँ भगवन बाहुबली की उत्तर भारत की सबसे ऊँची प्रतिमा विराजमान है जिनके चरण शरण में चातुर्मास संपन्न होगा.चातुर्मास में परम पूज्य एलाचार्य श्री के साथ साथ मुनि श्री ज्ञानानंद जी मुनिराज, मुनि श्री सर्वानन्द जी मुनिराज, मुनि श्री जिनानंद जी मुनिराज, क्षुल्लक श्री विशंक सागर जी एवं क्षुल्लक श्री सुखानंद जी महाराज के पावन दर्शन प्राप्त होंगे.पूज्य एलाचार्य श्री का यह 25 वां रजत चातुर्मास 13 वर्ष बाद पुन्हः फिरोजाबाद में होने जा रहा है जिसके लिए सभी श्रावकों एवं गुरु भक्तों ने पलक बिछाए इंतज़ार किया.पूज्य गुरुदेव के 10 चातुर्मास मध्य प्रदेश में,
10 चातुर्मास उत्तर प्रदेश में, तीन चातुर्मास राजस्थान में और दो चातुर्मास दिल्ली में संपन्न हुए.
10 चातुर्मास उत्तर प्रदेश में, तीन चातुर्मास राजस्थान में और दो चातुर्मास दिल्ली में संपन्न हुए.
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आइये हम एक नज़र डालते हैं फिरोजाबाद के इतिहास और विशेषताएँ पर:-
फ़िरोज़ाबाद मुग़ल काल से बसा भारत के उत्तर प्रदेश प्रान्त का एक जिला है। यह शहर चूड़ियों के निर्माण के लिये मशहूर है! शहर फीरोजाबाद आगरा से 40 किलोमीटर और राजधानी दिल्ली से 250 किलोमीटर की दूरी पर पूरब की तरफ स्थित है उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनउ यहां से लगभग 250 किमी पूरब की तरफ है फिरोज़ाबाद ज़िले के अन्तर्गत दो कस्बे टूंडला और शिकोहाबाद आते हैं. टुंडला पश्चिम तथा शिकोहाबा्द शहर के पूरब में स्थित हैं.
इस शहर की आबो हवा गरम है यहां की आबादी बहुत घनी है यहां के ज्यादातर लोग कोरोबार से जुडे हैं घरों के अन्दर महिलाएं भी चूडियों पर पालिश और हिल लगाकर रोजगार अर्जित कर लेती हैं । बाल मज़दुरी यहां आम है सरकार तमाम प्रयासों के बावजूद उन पर आंकुश नहीं लगा सकी है
इतिहास
फ़िरोज़ाबाद की स्थापना सुल्तान फ़िरोज़शाह तुग़लक ने (1351-1388 ई.) ने अपनी राजधानी दिल्ली से दस मील की दूरी पर बसाया था। यही नाम सुल्तान ने 1353-1354 ई. में बंगाल की चढ़ाई के दौरान वहाँ के 'पहुँचा नगर' को भी दिया था।
उद्योग
यहाँ पर भारत में सबसे अधिक काँच की चूड़ियाँ, सजावट की काँच की वस्तुएँ, वैज्ञानिक उपकरण, बल्ब आदि बनाये जाते हैं। फ़िरोज़ाबाद में चूड़ियों का व्यवसाय मुख्यत: होता है। यहाँ पर आप रंगबिरंगी चूड़ियों की दुकानें चारों ओर देख सकते हैं। घरों के अन्दर महिलाएँ भी चूडियों पर पॉलिश लगाकर रोजगार अर्जित कर लेती हैं। भारत में काँच का सर्वाधिक फ़िरोज़ाबाद नामक छोटे से शहर में बनाया जाता है। इस शहर के अधिकांश लोग काँच के किसी न किसी सामान के निर्माण से जुड़े उद्यम में लगे हैं। सबसे अधिक काँच की चूड़ियों का निर्माण इसी शहर में होता है।
परिवहन
- Railways- यहाँ आगरा और इटावा के बीच प्रमुख रेलवे जंक्शन है।
- Roadways- फिरोजाबाद आगरा से पूर्व की ओर 40 कि.मी. राष्ट्रीय राजमार्ग 02 पर स्थित है.
- Public Transport- स्थानीय सेवा में रिक्शा ओर थ्री-व्हीलर के साथ साथ बस सेवा भी उपलब्ध है.
- Airways- निकटतम हवाई अड्डा ग्वालियर 88 कि.मी.
पर्यटन स्थल व दर्शनीय स्थल
- फिरोजाबाद से 40 कि.मी. दूर आगरा में स्थित विश्व विख्यात ताज महल ओर आगरा का किला है जिसने देखने सम्पूर्ण विश्व से भारत आते हैं.ये विश्व के सात अजूबों में से एक है.
- फिरोजाबाद में उत्तर भारत कि सबसे विशाल भगवन बाहुबली की प्रतिमा चातुर्मास स्थली श्री छदामी लाल जैन मंदिर, जैन नगर में विराजमान जिसे श्रवणबेलगोला की तर्ज पर स्थापित किया गया था.
- यहाँ भगवन चंद्रप्रभु की स्फटिक मणि प्रतिमा यमुना नदी से प्राप्त हुई थी जिसे श्री दिगम्बर जैन मंदिर, चंदाप्रभु में विराजमान किया गया है.
- यहाँ से 5 कि.मी. दूर अतिशय क्षेत्र चन्द्रवाड है जहा अनेकों जिन प्रतिमाएं खुदाई में प्राप्त होती रहती हैं.
- यहाँ से 25 कि.मी. दूर भगवन मुनिसुव्रतनाथ जी का अतिशय क्षेत्र पचोखरा भी स्थित है.
- तीर्थंकर जन्मस्थली शौरिपुर एवं भगवन अजितनाथ अतिशय क्षेत्र, बटेश्वर 50 कि.मी. दूरी पर स्थित है.
- सिद्ध क्षेत्र मथुरा चौरासी जी फिरोजाबाद से 101 कि.मी. राष्ट्रीय राजमार्ग 02 पर स्थित है.
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