शिमला इतिहास के शिलापट्ट पर अंकित हुआ एलाचार्य वसुनंदी जी का नाम
परम पूज्य श्वेत पिच्छाचार्य श्री विद्यानंद जी मुनिराज के परम पूज्य अभीक्ष्ण ज्ञानोपयोगी एलाचार्य श्री वसुनंदी जी मुनिराज ससंघ का मंगल प्रवेश 20 मई को श्री दिगम्बर जैन मंदिर, शिमला में हुआ जहाँ जैन जैनेत्तर समाज ने भव्य स्वागत किया। सभी मुख्य समाचार पत्रों में पूज्य गुरुदेव के आगमन की जानकारी प्रकाशित की गई। 20 मई को ही सिद्धांत एवं आगम ग्रन्थ की वाचना का प्रारंभ किया गया जिसमे महाबन्धो भाग 7 की वाचना का पाठ किया गया। 25 मई को दोपहर 2 बजे से प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन स्थानीय समाज द्वारा किया गया जिसमे शिमला के सभी मुख्य समाचार पत्रों एवं चैनलों ने भाग लिया। 27 मई से 29 मई 2013 तक श्रीमज्जिनेन्द्र पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव का भव्य आयोजन बड़े ही आनंद और भव्यता के साथ संपन्न हुआ।
07 जून को दिगम्बर जैन सभा, शिमला ने पुनः प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन किया है जिसमे शिमला के प्रमुख समाचार पत्र प्रतिनिधियों एवं प्रमुख चैनल प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है। 08 जून को दिगम्बर जैन मंदिर में श्री याग मण्डल विधान का कार्यक्रम वृहद् स्तर पर दोपहर 1 2 बजे से आयोजित किया गया जिसमे सौधर्मेंद्र बनने का सौभाग्य श्री सुशील जैन पंचकुला तथा मनोज जैन शिमला को प्राप्त हुआ। महायज्ञ नायक श्री किशोरी लाल जैन, पंचकुला एवं श्री अशोक कुमार जैन, शिमला को प्राप्त हुआ। कार्यक्रम में कुबेर इन्द्र बनने का सौभाग्य श्री अजय कुमार जैन, राज कॉटेज,मेरठ एवं राकेश जैन, शिमला को प्राप्त हुआ। 09 जून को भव्य जैनेश्वरी दीक्षा का कार्यक्रम दोपहर 11 बजे से चा.च.आचार्य श्री शांतिसागर सभागार, निकट दिगम्बर जैन मंदिर, शिमला में पूज्य गुरुदेव दीक्षा सम्राट एलाचार्य श्री वसुनंदी जी मुनिराज के पावन करकमलों द्वारा संपन्न किया जायेगा जिसमे दीक्षार्थी के माता पिता बनने का सौभाग्य श्रीमती अनीता जैन ध.प. श्री राजकमल सरावगी तथा श्रीमती रीना जैन ध.प. श्री राजीव जैन ग्रीन पार्क, दिल्ली को प्राप्त हुआ। सम्पूर्ण हिमाचल प्रदेश के इतिहास में पहली बार वाचना, पंचकल्याणक एवं दीक्षा का आयोजन किया गया है जो हिमाचल के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जायेगा। शिमला प्रवास के अंतिम दौर में 13 जून को वाचना निष्ठापना एवं श्रुत पंचमी महा महोत्सव का आयोजन किया जायेगा तथा दोपहर 3 बजे से चातुर्मास स्थली श्री जम्बूस्वामी तपोस्थली, बोलखेडा (भरतपुर,राजस्थान) के लिए विहार प्रारंभ होगा जहाँ 21 जुलाई को चातुर्मास मंगल कलश की स्थापना की जाएगी।
मुख्य धाराएं
-
श्री पार्श्वनाथ भगवान की भक्ति आराधना का सर्वाधिक चमत्कारी स्तोत्र श्री कल्याण मंदिर का विधान श्री दिगम्बर जैन मंदिर, बैंक एन्क्लेव (दिल्...
-
प.पू. अभीक्ष्ण ज्ञानोपयोगी आचार्य श्री वसुनंदी जी मुनिराज के प्रथम आचार्य पदारोहण दिवस पर आयोजित "अभीक्ष्ण ज्ञानोपयोगी प्रतियोगिता...
-
हम सभी के लिए यह प्रसंनता का विषय है कि 20-21 वीं सदी के सर्वमान्य आयु-वृद्ध, ज्ञान-वृद्ध, तप-वृद्ध, दीक्षा-वृद्ध श्वेत पिच्छाचार्य श्री वि...
-
उपसर्ग विजेता भगवन पार्श्वनाथ की तपस्थली अतिशय क्षेत्र अहिछत्र में परम पूज्य श्वेत पिच्छाचार्य श्री विद्यानंद जी मुनिराज...
-
-
-
धर्म के संस्कार वैसे तो हर माँ बाप अपने बछो को देते हैं लेकिन धर्म गुरु के माध्यम से यदि संस्कार प्राप्त हों तो सोने पे सुहागा हो जाता है.पर...
आज का प्रवास
JOIN VASUNANDI
आचार्य श्री के सभी कार्यक्रमों, विहार,समाचार,प्रवचन आदि की जानकारी के लिए आज ही अपने मोबाइल से whatsapp message भेजे
JOIN VASUNANDIऔर SEND करे 9024620835 NUMBER पर
आपको हमेशा के लिए FREE SMS मिलते रहेंगे
Email us @:- vasunandiji@gmail.com
I will not be able to attend this wonderful programme. Please say my NAMOSTU to GURUDEV.
ReplyDeleteAjeet Jain
Mawana